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रविवार, 12 जनवरी 2014

अरविंद की कहानी 'रेडियो' (स्‍वर यूनुस ख़ान)

"
'कॉफी-हाउस' के ज़रिये हम हर रविवार आपसे मुखातिब होते हैं। और आपके लिए लेकर आते हैं किसी एक कहानी का वाचन। आज अरविंद की
कहानी-'रेडियो'। अरविंद एक प्रतिभाशाली युवा कवि और कथाकार हैं। ये उनकी तीसरी ही कहानी है। सच कहें तो हमने उनकी पहली दो कहानियां अभी नहीं पढ़ीं। पर पिछले हफ्ते इसे पढ़ते ही लगा कि मानो इसे 'कॉफी-हाउस' के लिए ही लिखा गया है। इसलिए हमने आग्रह करके इसे उनसे ले लिया।

अरविंद रेडियो के एक अच्‍छे श्रोता की तरह तो हमसे जुड़े ही रहे हैं...हमें ये भी पता है कि वे लगातार विश्‍व सिनेमा देखते हैं। अब 'कॉफी-हाउस' के कारवां में हम उनका स्‍वागत कर रहे हैं। उम्मीद है कि उनकी कहानी को 'सिताब दियारा' पर पढ़कर पाठकों ने जितना आनंद लिया, इसके वाचन से भी उन्‍हें उतना ही आनंद मिलेगा। आपको बता दें कि इस कहानी के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से पूरे बीस मिनिट निकालने होंगे। इसे डाउनलोड करके अपने मित्रों और रिश्‍तेदारों के साथ साझा किया जा सकता है।

एक बात और भी बतानी ज़रूरी है। अरविंद की कहानी के एक मुकम्‍मल हिस्‍से का वाचन ही हमने किया है। पर उन्‍होंने इसकी उत्‍तर-कथा भी रची है। आप चाहें तो इसे ब्‍लॉग 'सिताब-दियारा' पर पढ़ सकते हैं। हमारी योजना है कि भविष्‍य में इस उत्‍तर-कथा का भी वाचन किया जाए।

On our blog 'Coffee House' we present a story every sunday. Today we are reading a story by very young writer Arvind. This is just third story by this writer. We have not read his other two stories. But last week after reading it on blog "sitaab diyaara", we requested him to give the story for our bolg. Running time is 20 Min. You can also download the sotry and share it with family and friends. For Tutorial Follow this link. Your comments and suggestions are always welcome.

Story: Radio
Writer: Arvind
Voice: Yunus khan
Duration: 20 08



एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे



ये रहीं डाउनलोड कडियां।
Download Link 1 and
Download Link 2 

.
ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 
महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'
उदय प्रकाश की कहानी-'नेलकटर'
सूर्यबाला की कहानी 'दादी और रिमोट'
एस. आर. हरनोट की कहानी 'मोबाइल'
स्‍वयं प्रकाश की कहानी 'नीलकांत का सफर'
जादू की कहानी 'बदमाश कौआ'
प्रेमचंद गांधी की कहानी--'31 दिसंबर की रात''
रवींद्र कालिया की कहानी- 'गोरैया'।

तो अब अगले रविवार मिलेंगे, किसी और रोचक कहानी के पाठ के साथ। आप डाउनलोड करके कहानियों को साझा कर रहे हैं ना। एक छोटा-सा काम और कीजिएगा। 'कॉफी-हाउस' के बारे में अपने साथियों को अवश्‍य बताईयेगा। 

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'कॉफी-हाउस' के ज़रिये हम हर रविवार आपसे मुखातिब होते हैं। और आपके लिए लेकर आते हैं किसी एक कहानी का वाचन। आज अरविंद की
कहानी-'रेडियो'। अरविंद एक प्रतिभाशाली युवा कवि और कथाकार हैं। ये उनकी तीसरी ही कहानी है। सच कहें तो हमने उनकी पहली दो कहानियां अभी नहीं पढ़ीं। पर पिछले हफ्ते इसे पढ़ते ही लगा कि मानो इसे 'कॉफी-हाउस' के लिए ही लिखा गया है। इसलिए हमने आग्रह करके इसे उनसे ले लिया।

अरविंद रेडियो के एक अच्‍छे श्रोता की तरह तो हमसे जुड़े ही रहे हैं...हमें ये भी पता है कि वे लगातार विश्‍व सिनेमा देखते हैं। अब 'कॉफी-हाउस' के कारवां में हम उनका स्‍वागत कर रहे हैं। उम्मीद है कि उनकी कहानी को 'सिताब दियारा' पर पढ़कर पाठकों ने जितना आनंद लिया, इसके वाचन से भी उन्‍हें उतना ही आनंद मिलेगा। आपको बता दें कि इस कहानी के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से पूरे बीस मिनिट निकालने होंगे। इसे डाउनलोड करके अपने मित्रों और रिश्‍तेदारों के साथ साझा किया जा सकता है।

एक बात और भी बतानी ज़रूरी है। अरविंद की कहानी के एक मुकम्‍मल हिस्‍से का वाचन ही हमने किया है। पर उन्‍होंने इसकी उत्‍तर-कथा भी रची है। आप चाहें तो इसे ब्‍लॉग 'सिताब-दियारा' पर पढ़ सकते हैं। हमारी योजना है कि भविष्‍य में इस उत्‍तर-कथा का भी वाचन किया जाए।

On our blog 'Coffee House' we present a story every sunday. Today we are reading a story by very young writer Arvind. This is just third story by this writer. We have not read his other two stories. But last week after reading it on blog "sitaab diyaara", we requested him to give the story for our bolg. Running time is 20 Min. You can also download the sotry and share it with family and friends. For Tutorial Follow this link. Your comments and suggestions are always welcome.

Story: Radio
Writer: Arvind
Voice: Yunus khan
Duration: 20 08



एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे



ये रहीं डाउनलोड कडियां।
Download Link 1 and
Download Link 2 

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ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 
महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'
उदय प्रकाश की कहानी-'नेलकटर'
सूर्यबाला की कहानी 'दादी और रिमोट'
एस. आर. हरनोट की कहानी 'मोबाइल'
स्‍वयं प्रकाश की कहानी 'नीलकांत का सफर'
जादू की कहानी 'बदमाश कौआ'
प्रेमचंद गांधी की कहानी--'31 दिसंबर की रात''
रवींद्र कालिया की कहानी- 'गोरैया'।

तो अब अगले रविवार मिलेंगे, किसी और रोचक कहानी के पाठ के साथ। आप डाउनलोड करके कहानियों को साझा कर रहे हैं ना। एक छोटा-सा काम और कीजिएगा। 'कॉफी-हाउस' के बारे में अपने साथियों को अवश्‍य बताईयेगा। 

1 टिप्पणियाँ:

  1. भले ही ये कहानी हू-ब-हू हमारे माता-पिता और हमारी अपनी ज़िन्दगी की कहानी नहीं है, पर इसने बचपन के घर के एक कमरे में इस छोर से उस छोर तक बँधे, लम्बे से फ़ीतेनुमा एरियल से सिग्नल पकड़ने वाले और एक छोटे-से बक्से बराबर एवरेडी की बैटरी और बिजली से चलने वाले मरफ़ी के उस रेडियो की यादें ताज़ा कर दीं, जो बरसों-बरस काफ़ी कुछ ऐसे ही ज़ुड़ा रहा हम तीनों की भी ज़िन्दगी से ।साथ ही अक्सर तेज़ बुखार में तपते हमारे शरीर पर भीगे कपड़ों की पट्टियाँ रखती माँ और आधी रात कॉलोनी के डॉक्टर को पकड़ कर घर लाते परेशान पिताजी की यादें भी ।
    हम तो क़ायल हो गये अरविंद जी की अनुभूति- और अभिव्यक्ति- तो यूनुस जी की अन्वेषण-क्षमता के !

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