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रविवार, 26 जनवरी 2014

ठिठुरता हुआ गणतंत्र: हरिशंकर परसाई ( वाचन यूनुस खान)

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'कॉफी हाउस' पर आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

आज हम प्रस्‍तुत कर रहे हैं हरिशंकर परसाई की रचना 'ठिुठरता हुआ गणतंत्र'। गणतंत्र दिवस के इस दिन हमने विशेष रूप से इस रचना का चयन किया है।

परसाई जी अपने बेलाग और तीखे व्‍यंग्‍यों के लिए जाने जाते हैं। इस रचना को प्रस्‍तुत करते हुए वो दिन याद आ रहे हैं जब एन.एस.एस. (राष्‍ट्रीय सेवा योजना) के एक शिविर में मध्‍यप्रदेश के एक गांव में हम कुछ मित्र मंडली बनाकर परसाई जी की रचनाओं का पाठ करते थे।

इस रचना को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से तकरीबन ग्‍यारह मिनिट निकालने होंगे। ये भी बता दें कि आप इस रचना को डाउनलोड करके अपने मित्रों-रिश्‍तेदारों से साझा कर सकते हैं।

Today on "Coffe House" we are presenting a satire by Shri Harishankar Parsai.."Thithurta Hua Ganatantra." Its a very important piece of writing on the republic of india. Running time is aprox. 11 min.

Satire: Thithurta Hua Ganatantra
Writer: Harishankar Parsai
Voice:  Yunus Khan
Duration: 10 42


एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे।


ये रहीं डाउनलोड कडियां
Download Link 1 
Download Link 2 
ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 
महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'
उदय प्रकाश की कहानी-'नेलकटर'
सूर्यबाला की कहानी 'दादी और रिमोट'
एस. आर. हरनोट की कहानी 'मोबाइल'
स्‍वयं प्रकाश की कहानी 'नीलकांत का सफर'
जादू की कहानी 'बदमाश कौआ'
प्रेमचंद गांधी की कहानी--'31 दिसंबर की रात''
रवींद्र कालिया की कहानी- 'गोरैया'।
अरविंद की कहानी 'रेडियो'
लक्ष्‍मी शर्मा की कहानी 'बातें'

तो अब अगले रविवार मिलेंगे, किसी और रोचक कहानी के पाठ के साथ। आप डाउनलोड करके कहानियों को साझा कर रहे हैं ना। एक छोटा-सा काम और कीजिएगा। 'कॉफी-हाउस' के बारे में अपने साथियों को अवश्‍य बताईयेगा। 

एक बार फिर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।
हरिशंकर परसाई की एक और रचना 'कॉफी-हाउस' पर उपलब्‍ध है 'चिरऊ महाराज' 
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'कॉफी हाउस' पर आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

आज हम प्रस्‍तुत कर रहे हैं हरिशंकर परसाई की रचना 'ठिुठरता हुआ गणतंत्र'। गणतंत्र दिवस के इस दिन हमने विशेष रूप से इस रचना का चयन किया है।

परसाई जी अपने बेलाग और तीखे व्‍यंग्‍यों के लिए जाने जाते हैं। इस रचना को प्रस्‍तुत करते हुए वो दिन याद आ रहे हैं जब एन.एस.एस. (राष्‍ट्रीय सेवा योजना) के एक शिविर में मध्‍यप्रदेश के एक गांव में हम कुछ मित्र मंडली बनाकर परसाई जी की रचनाओं का पाठ करते थे।

इस रचना को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से तकरीबन ग्‍यारह मिनिट निकालने होंगे। ये भी बता दें कि आप इस रचना को डाउनलोड करके अपने मित्रों-रिश्‍तेदारों से साझा कर सकते हैं।

Today on "Coffe House" we are presenting a satire by Shri Harishankar Parsai.."Thithurta Hua Ganatantra." Its a very important piece of writing on the republic of india. Running time is aprox. 11 min.

Satire: Thithurta Hua Ganatantra
Writer: Harishankar Parsai
Voice:  Yunus Khan
Duration: 10 42


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ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 
महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
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सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
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जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
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कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
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तो अब अगले रविवार मिलेंगे, किसी और रोचक कहानी के पाठ के साथ। आप डाउनलोड करके कहानियों को साझा कर रहे हैं ना। एक छोटा-सा काम और कीजिएगा। 'कॉफी-हाउस' के बारे में अपने साथियों को अवश्‍य बताईयेगा। 

एक बार फिर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।
हरिशंकर परसाई की एक और रचना 'कॉफी-हाउस' पर उपलब्‍ध है 'चिरऊ महाराज' 

6 टिप्पणियाँ:

  1. ये गीत सुनिए, आनंद आएगा. :)
    https://www.youtube.com/watch?v=iNmDj0C3l_8

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. दर्शनीय एवम् श्रवणीय !!

      :-)

      हटाएं
  2. आज के दिन भी उतनी ही प्रासंगिक रचना के चयन के लिए बधाई !

    दशकों पहले अपने छात्र-जीवन में पढ़ी इस रचना को आज सुनते हुए सोच रहा हूँ कि इतने बरसों में कहीं कुछ बदला क्या ?

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर पाठ! अच्छा लगा इसे सुनना!

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  4. परसाई जी का तीक्ष्ण व्यंग और आपकी पठन-जीवंतता, ऐंसा लगता है मानो स्पीकर से ध्वनि नहीं दृश्य निकल रहे हों | बहुत उम्दा

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  5. उनकी समझ ही आज सत्य होती दिख रही है, सभी स्वयं को खाने में लगे हैं।

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