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रविवार, 24 नवंबर 2013

उदय प्रकाश की कहानी 'नेलकटर' (स्वर यूनुस ख़ान)

"
'कॉफी-हाउस' से जुड़ी दो अच्छी ख़बरें हैं इस बार हमारे पास।

पिछले हफ्ते नन्हे जादू जी ने पापा की कहानी पढ़ी थी। और हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि उनकी इस प्रस्तुति का श्रोताओं ने ख़ूब स्वागत किया। जादू जी इतने छोटे हैं कि अभी उन्हें ये सब समझ नहीं आ सकता। लेकिन चूंकि कहानियां सुनाना उनका शौक़ है इसलिए प्रयास यही रहेगा कि नियमित रूप से जादू जी बच्चों की की कहानियां पेश करें। यानी अब 'कॉफी-हाउस' को बाक़ायदा एक पारिवारिक-साहित्यिक ब्‍लॉग का रूप मिल चुका है। जादू जी का हौसला बढ़ाने के लिए सभी का हृदय से आभार।

दूसरी अच्‍छी ख़बर मुंबई के कथाकार-अग्रज-मित्र सूरज प्रकाश ने दी है। उन्‍होंने बताया कि जयपुर में मोनालिसा सैनी ने पत्रकारिता की अपनी कक्षाओं में बच्‍चों को 'कॉफी-हाउस' की कहानियां सुनाने का सिलसिला शुरू किया है। इसकी शुरूआत सूरज जी की कहानी 'दो जीवन समांतर' से हुई है..जिसे हमने कुछ सप्‍ताह पहले पढ़ा था। उनका भी आभार, इस कारवां को आगे बढ़ाने के लिए।

'कॉफी हाउस' पर हम आरंभ से कहते आए हैं कि ये कहानियां डाउनलोड योग्‍य हैं। आप जब चाहें इन्‍हें डाउनलोड करके अपने परिवार, मित्रों, अग्रजों या छात्रों से साझा कर सकते हैं। और कहानियां 'सुनने' की परंपरा को आगे बढ़ा सकते हैं।

इस बार हम लेकर आए हैं कथाकार उदय प्रकाश की बेहद प्रसिद्ध और
लोकप्रिय कहानी 'नेलकटर'। उदय जी को हम 'पॉल गोमरा का स्‍कूटर', 'पीली छतरी वाली लड़की', 'तिरिछ', 'और अंत में प्रार्थना', 'वॉरेन हेस्टिंग्‍स का सांड' जैसी कहानियों के लिए पहचानते हैं। भविष्‍य में हम उनकी अन्‍य कहानियां भी पढ़ेंगे। इस कहानी को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से तकरीबन सात मिनिट निकालने होंगे। चित्र साभार-विकिपीडिया

Story: Nail-Cutter
Writer: Uday Prakash
Voice: Yunus Khan
Duration: 6 57



एक प्‍लेयर और, ताकि सनद रहे


डाउनलोड कड़ी एक
डाउनलोड कड़ी दो

ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 

महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'

तो अब अगले रविवार मिलेंगे, किसी और रोचक कहानी के पाठ के साथ। आप डाउनलोड करके कहानियों को साझा कर रहे हैं ना। एक छोटा-सा काम और कीजिएगा। 'कॉफी-हाउस' के बारे में अपने साथियों को अवश्‍य बताईयेगा। 


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'कॉफी-हाउस' से जुड़ी दो अच्छी ख़बरें हैं इस बार हमारे पास।

पिछले हफ्ते नन्हे जादू जी ने पापा की कहानी पढ़ी थी। और हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि उनकी इस प्रस्तुति का श्रोताओं ने ख़ूब स्वागत किया। जादू जी इतने छोटे हैं कि अभी उन्हें ये सब समझ नहीं आ सकता। लेकिन चूंकि कहानियां सुनाना उनका शौक़ है इसलिए प्रयास यही रहेगा कि नियमित रूप से जादू जी बच्चों की की कहानियां पेश करें। यानी अब 'कॉफी-हाउस' को बाक़ायदा एक पारिवारिक-साहित्यिक ब्‍लॉग का रूप मिल चुका है। जादू जी का हौसला बढ़ाने के लिए सभी का हृदय से आभार।

दूसरी अच्‍छी ख़बर मुंबई के कथाकार-अग्रज-मित्र सूरज प्रकाश ने दी है। उन्‍होंने बताया कि जयपुर में मोनालिसा सैनी ने पत्रकारिता की अपनी कक्षाओं में बच्‍चों को 'कॉफी-हाउस' की कहानियां सुनाने का सिलसिला शुरू किया है। इसकी शुरूआत सूरज जी की कहानी 'दो जीवन समांतर' से हुई है..जिसे हमने कुछ सप्‍ताह पहले पढ़ा था। उनका भी आभार, इस कारवां को आगे बढ़ाने के लिए।

'कॉफी हाउस' पर हम आरंभ से कहते आए हैं कि ये कहानियां डाउनलोड योग्‍य हैं। आप जब चाहें इन्‍हें डाउनलोड करके अपने परिवार, मित्रों, अग्रजों या छात्रों से साझा कर सकते हैं। और कहानियां 'सुनने' की परंपरा को आगे बढ़ा सकते हैं।

इस बार हम लेकर आए हैं कथाकार उदय प्रकाश की बेहद प्रसिद्ध और
लोकप्रिय कहानी 'नेलकटर'। उदय जी को हम 'पॉल गोमरा का स्‍कूटर', 'पीली छतरी वाली लड़की', 'तिरिछ', 'और अंत में प्रार्थना', 'वॉरेन हेस्टिंग्‍स का सांड' जैसी कहानियों के लिए पहचानते हैं। भविष्‍य में हम उनकी अन्‍य कहानियां भी पढ़ेंगे। इस कहानी को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से तकरीबन सात मिनिट निकालने होंगे। चित्र साभार-विकिपीडिया

Story: Nail-Cutter
Writer: Uday Prakash
Voice: Yunus Khan
Duration: 6 57



एक प्‍लेयर और, ताकि सनद रहे


डाउनलोड कड़ी एक
डाउनलोड कड़ी दो

ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 

महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
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ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'

तो अब अगले रविवार मिलेंगे, किसी और रोचक कहानी के पाठ के साथ। आप डाउनलोड करके कहानियों को साझा कर रहे हैं ना। एक छोटा-सा काम और कीजिएगा। 'कॉफी-हाउस' के बारे में अपने साथियों को अवश्‍य बताईयेगा। 


8 टिप्पणियाँ:

  1. मार्मिक कहानी ...चीजें कभी खोती नहीं है ....

    उत्तर देंहटाएं
  2. kai saal pahale bete ko yah kahani padhakar sunaai thi........sukhad aschrya hua is link ko paakar just download kiya hai utsaahit hun bete ko phir sunaane ke liye .....utana hi jitana padhkar sunaatw waqt tha........vishwaas hai bete ko bhi uatani hi paand aayegi....thanx unus ji

    उत्तर देंहटाएं
  3. @shahdol zee शुक्रिया। जानकर अच्‍छा लगा कि आपने कभी अपने बेटे को ये कहानी पढ़कर सुनायी थी। हम इसके साझीदार बन रहे हैं, अच्‍छा लग रहा है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. अर्चना पंत28 नवंबर 2013 को 12:53 am

    "क्योंकि चीज़ें कभी खोती नहीं हैं वो तो रहतीं ही हैं अपने पूरे अस्तित्व और वज़न के साथ; सिर्फ हम उनकी वो जगह भूल जाते हैं !"
    बहुत ही संवेदनशील ! .... बहुत गहन !
    माँ की अवशता .... बच्चे की उम्मीद और तड़प .... और मृत्यु की अकाट्य अन्तिमता की मार्मिक अभिव्यक्ति ...
    जैसे आँखों के कोर पे कोई आँसू रुका हुआ झिलमिलाता हो !
    कुछ कहानियां हाथ पकड़ कर, हमें हमारी ही उदासियों के अँधेरे, सियाह तहखानों में उतार ले जातीं हैं .... और फिर हम उन कहानियों को ताउम्र नहीं भूल पाते !
    इस कहानी के लिए उदय प्रकाश जी को बहुत बधाई !

    युनुस खान की आवाज़ ने कहानी को सचमुच सप्राण कर दिया ....
    उनको बहुत बहुत साधुवाद !

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  5. बेहतरीन कहानी .....................वज़न के साथ ................अपनी जगह पर .............वज़नदार आवाज़ के संग .....

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  6. बेहतरीन कहानी ...............युनुस खान की आवाज़ ने कहानी को सचमुच सप्राण कर दिया ....

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