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रविवार, 26 जनवरी 2014

ठिठुरता हुआ गणतंत्र: हरिशंकर परसाई ( वाचन यूनुस खान)

'कॉफी हाउस' पर आप सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।आज हम प्रस्‍तुत कर रहे हैं हरिशंकर परसाई की रचना 'ठिुठरता हुआ गणतंत्र'। गणतंत्र दिवस के इस दिन हमने विशेष रूप से इस रचना का चयन किया है।परसाई जी अपने बेलाग और तीखे व्‍यंग्‍यों के लिए जाने जाते हैं। इस रचना को प्रस्‍तुत करते हुए वो दिन याद आ रहे हैं जब एन.एस.एस. (राष्‍ट्रीय सेवा योजना) के एक शिविर में मध्‍यप्रदेश के एक गांव में हम कुछ मित्र मंडली बनाकर परसाई जी की रचनाओं...

रविवार, 19 जनवरी 2014

लक्ष्‍मी शर्मा की कहानी--'बातें' (स्‍वर ममता सिंह का)

'कॉफी-हाउस' कहानियों के वाचन का ब्‍लॉग है. ऐसा ब्‍लॉग जिसमें हर सप्‍ताह हम एक कहानी का वाचन करते हैं। मक़सद है पढ़ने के साथ-साथ सुनने की परंपरा को आगे बढ़ाना। इन कहानियों को आप डाउनलोड करके आपस में साझा भी कर सकते हैं।इस सप्‍ताह हम लेकर आये हैं जयपुर...

रविवार, 12 जनवरी 2014

अरविंद की कहानी 'रेडियो' (स्‍वर यूनुस ख़ान)

'कॉफी-हाउस' के ज़रिये हम हर रविवार आपसे मुखातिब होते हैं। और आपके लिए लेकर आते हैं किसी एक कहानी का वाचन। आज अरविंद की कहानी-'रेडियो'। अरविंद एक प्रतिभाशाली युवा कवि और कथाकार हैं। ये उनकी तीसरी ही कहानी है। सच कहें तो हमने उनकी पहली दो कहानियां...

रविवार, 5 जनवरी 2014

रवींद्र कालिया की कहानी 'गोरैया' (आवाज़ ममता सिंह की)

'कॉफी हाउस' में इस बार हम पेश कर रहे हैं रवींद्र कालिया की कहानी 'गोरैया'। हिंदी कहानी के महत्‍वपूर्ण स्‍तंभ रवींद्र कालिया किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। कहानीकार और संपादक रवींद्र कालिया बेहद लोकप्रिय रहे हैं। उनके संस्‍मरण 'ग़ालिब छुटी शराब'...