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रविवार, 4 अगस्त 2013

जयशंकर प्रसाद की कहानी 'ममता' (स्‍वर ममता सिंह)

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'कॉफी-हाउस' में हम हर हफ्ते लेकर आते हैं एक नयी कहानी का पाठ। ये कहानियां डाउनलोड की जा सकती हैं और शेयर भी की जा सकती हैं।

आज हम लेकर आये हैं जयशंकर प्रसाद की कहानी 'ममता'।
'ममता' की गिनती हिंदी साहित्‍य की कालजयी कहानियों में होती है। 'कॉफी-हाउस' में हम आगे भी प्रसाद जी की कुछ रचनाओं को पढ़ेंगे। इस कहानी को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से नौ मिनिट निकालने होंगे।

आपको बता दें कि कहानियों को डाउनलोड करना मुश्किल नहीं है।
यहां हम डिवशेयर का डाउनलोड लिंक दे  रहे हैं। कड़ी पर क्लिक करते ही आप एक नये पेज पर पहुंचेंगे। जहां हरे रंग से डाउनलोड लिंक नज़र आयेगा। उस पर क्लिक कीजिए। पंद्रह सेकेन्‍ड प्रतीक्षा कीजिए और बस फाइल डाउनलोड हो जायेगी।
चित्र साभार- इस साइट से 


Stroy: Mamta
Writtten By: Shri Jai shankar 'Prasad'
Voice: Mamta singh
Durtaion: 9 01


'कॉफी हाउस' में इससे पहले आप ये रचनाएं सुन चुके हैं।
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी-'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी- 'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी--'एक छोटा-सा मज़ाक'
सियारामशरण गुप्‍त की कहानी - 'काकी'हरिशंकर परसाई की कहानी -'चिरऊ महाराज'

सुधा अरोड़ा की कहानी- 'एक और तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी- 'सहपाठी'।

तो मिलते हैं अगले रविवार एक नयी कहानी के साथ।
डाउनलोड कड़ी--ये रही। 
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'कॉफी-हाउस' में हम हर हफ्ते लेकर आते हैं एक नयी कहानी का पाठ। ये कहानियां डाउनलोड की जा सकती हैं और शेयर भी की जा सकती हैं।

आज हम लेकर आये हैं जयशंकर प्रसाद की कहानी 'ममता'।
'ममता' की गिनती हिंदी साहित्‍य की कालजयी कहानियों में होती है। 'कॉफी-हाउस' में हम आगे भी प्रसाद जी की कुछ रचनाओं को पढ़ेंगे। इस कहानी को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से नौ मिनिट निकालने होंगे।

आपको बता दें कि कहानियों को डाउनलोड करना मुश्किल नहीं है।
यहां हम डिवशेयर का डाउनलोड लिंक दे  रहे हैं। कड़ी पर क्लिक करते ही आप एक नये पेज पर पहुंचेंगे। जहां हरे रंग से डाउनलोड लिंक नज़र आयेगा। उस पर क्लिक कीजिए। पंद्रह सेकेन्‍ड प्रतीक्षा कीजिए और बस फाइल डाउनलोड हो जायेगी।
चित्र साभार- इस साइट से 


Stroy: Mamta
Writtten By: Shri Jai shankar 'Prasad'
Voice: Mamta singh
Durtaion: 9 01


'कॉफी हाउस' में इससे पहले आप ये रचनाएं सुन चुके हैं।
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी-'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी- 'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी--'एक छोटा-सा मज़ाक'
सियारामशरण गुप्‍त की कहानी - 'काकी'हरिशंकर परसाई की कहानी -'चिरऊ महाराज'

सुधा अरोड़ा की कहानी- 'एक और तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी- 'सहपाठी'।

तो मिलते हैं अगले रविवार एक नयी कहानी के साथ।
डाउनलोड कड़ी--ये रही। 

5 टिप्पणियाँ:

  1. बहुत-बहुत शुक्रिया इतिहास के पन्नों से जुड़ी इस कहानी को सुनाने के लिये।

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह !

    ममता की कहानी ममता की ज़ुबानी !!

    दोनों ही लाजवाब ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. क्या बात है. लाजवाब.
    ममता जी के स्वर में सुन कर मजा आ गया.
    कहानी प्रस्तुत करने के लिए आपका आभार युनुस जी

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह अद्भुत कहानी का अद्भुत पाठ।
    रेडियो सखी की आवाज अद्भुत है। :)

    उत्तर देंहटाएं