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शनिवार, 17 अगस्त 2013

इस बार उषा प्रियंवदा की कहानी 'वापसी' (स्‍वर ममता सिंह का)

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'कथा-पाठ' के ब्‍लॉग 'कॉफी-हाउस' में हर रविवार को हम एक नयी कहानी लेकर प्रस्‍तुत होते हैं।
कथा-पाठ की इस यात्रा को हम कहानियों की विविधताओं के ज़रिये नये आयाम देना चाहते हैं।
लेकिन कथा-पाठ का सफ़र धीमा और ठोस हो तो अच्‍छा रहेगा।

इस बार हम लेकर आये हैं वरिष्‍ठ लेखिका उषा प्रियंवदा की कहानी-'वापसी' उषा जी को हम ख़ासतौर पर 'पचपन खंभे लाल दीवारें', 'शेष यात्रा' और 'रूकोगी नहीं राधिका' की रचनाकार के तौर पर जानते हैं। 'वापसी' उनकी बेहद महत्‍वपूर्ण कहानी है।

इसे सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से तकरीबन बाईस मिनिट निकालने होंगे।
ये तो आप जानते ही हैं कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को डाउनलोड किया जा सकता है।
पिछले कुछ सप्‍ताहों से हम जब मुमकिन हो दो लिंक दे रहे हैं।
अगर डाउनलोड में कोई दिक्‍कत हो तो आप बेहिचक हमसे संपर्क कर सकते हैं।
'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करें और उन्‍हें अपने मोबाइल-फ़ोन, टैबलेट या लैपटॉप वग़ैरह के ज़रिये अपने प्रियजनों तक पहुंचाए--ये बहुत आवश्‍यक है। ताकि हम अपने घरों में कहानियों को पढ़ने के साथ-साथ सुनने का सिलसिला भी शुरू कर सकें।

Story: Waapsi
Writer: Usha Priyamvada
Voice: Mamta Singh
Duration: 21 42



एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे।


डाउनलोड कड़ी:
डिवशेयर से डाउनलोड करें यहां क्लिक करके 
आर्काइव से डाउनलोड करें यहां क्लिक करके 

'कॉफी-हाउस' में अब तक पढ़ी गयी कहानियों की सूची-

महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में

इन सभी कहानियों को डाउनलोड किया जा सकता है।
'कॉफी-हाउस' पर हम आपकी प्रतिक्रियाओं और आपके सुझावों का सदैव इंतज़ार करते हैं।
मिलते हैं अगले रविवार।

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'कथा-पाठ' के ब्‍लॉग 'कॉफी-हाउस' में हर रविवार को हम एक नयी कहानी लेकर प्रस्‍तुत होते हैं।
कथा-पाठ की इस यात्रा को हम कहानियों की विविधताओं के ज़रिये नये आयाम देना चाहते हैं।
लेकिन कथा-पाठ का सफ़र धीमा और ठोस हो तो अच्‍छा रहेगा।

इस बार हम लेकर आये हैं वरिष्‍ठ लेखिका उषा प्रियंवदा की कहानी-'वापसी' उषा जी को हम ख़ासतौर पर 'पचपन खंभे लाल दीवारें', 'शेष यात्रा' और 'रूकोगी नहीं राधिका' की रचनाकार के तौर पर जानते हैं। 'वापसी' उनकी बेहद महत्‍वपूर्ण कहानी है।

इसे सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से तकरीबन बाईस मिनिट निकालने होंगे।
ये तो आप जानते ही हैं कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को डाउनलोड किया जा सकता है।
पिछले कुछ सप्‍ताहों से हम जब मुमकिन हो दो लिंक दे रहे हैं।
अगर डाउनलोड में कोई दिक्‍कत हो तो आप बेहिचक हमसे संपर्क कर सकते हैं।
'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करें और उन्‍हें अपने मोबाइल-फ़ोन, टैबलेट या लैपटॉप वग़ैरह के ज़रिये अपने प्रियजनों तक पहुंचाए--ये बहुत आवश्‍यक है। ताकि हम अपने घरों में कहानियों को पढ़ने के साथ-साथ सुनने का सिलसिला भी शुरू कर सकें।

Story: Waapsi
Writer: Usha Priyamvada
Voice: Mamta Singh
Duration: 21 42



एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे।


डाउनलोड कड़ी:
डिवशेयर से डाउनलोड करें यहां क्लिक करके 
आर्काइव से डाउनलोड करें यहां क्लिक करके 

'कॉफी-हाउस' में अब तक पढ़ी गयी कहानियों की सूची-

महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में

इन सभी कहानियों को डाउनलोड किया जा सकता है।
'कॉफी-हाउस' पर हम आपकी प्रतिक्रियाओं और आपके सुझावों का सदैव इंतज़ार करते हैं।
मिलते हैं अगले रविवार।

9 टिप्पणियाँ:

  1. हमेशा की तरह बढ़िया ...
    कॄपया 'कॉफी-हाउस' में अब तक पढ़ी गयी कहानियों की सूची- को लिंक के साथ दिया करें ...ताकि यहीं से पिछली कहानियों तक जल्दी से पहुँचा जा सके ....

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी सभी कहानियाँ मैं सहेज कर रखती जा रही हूँ...अब इस से आगे और क्या कहूँ?...:)

    सुनीता

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  3. I had read this story when I was just in school and hence could not understand the depth of the story. now I understand the plight of a retired person, though I am not in the club of Gajadhar babu.

    उत्तर देंहटाएं
  4. first of all i thank's to the "AIR VBS" and all announcer of this hindi radio station. ths story tauches my heart.MAMTA DIDI apko mera s -hridya prnam!!!!!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  5. आज सपरिवार ये कहानी सुनी! बेहतरीन प्रस्तुति सबको पसंद आयी।

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  6. रेलवे परिवारों की यह कहानी बहुत अच्छी लगी।

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  7. बचपन से रेलवे-स्टेशनों के प्लेटफ़ॉर्मों पर या घर के पास से जाने वाली रेल-लाइनों के किनारे खड़े; उन पर गुज़रती मालगाड़ियों के अलग-अलग आकार-प्रकार और रंग के हर डिब्बे पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखे “वापसी” का असली मतलब अब समझ आया !

    ज़िन्दगी की पटरियों पर सालों-साल, मीलों-मील, रात-दिन भागते-दौड़ते, मालगाड़ियों के डिब्बे ही तो हैं हम सब....

    .....शायद एक दिन ऐसी ही किसी वापसी के लिये अभिशप्त..

    .....गजाधर बाबू की ही तरह !!

    -“डाक साब”

    उत्तर देंहटाएं
  8. yaqeen nahi aata ki abhi abhi maine etni achhee kahani sunee.......thanks VBS and MAMTA dee....

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