Sosial media

रविवार, 28 जुलाई 2013

सत्‍यजीत रे की कहानी 'सहपाठी' (स्‍वर यूनुस ख़ान)

कॉफी-हाउस में हम हर रविवार को आपसे मुख़ातिब होते हैं।हमारा मक़सद है सुनने के लिए कहानियां उपलब्‍ध कराना।इन कहानियों को डाउनलोड करके आपस में शेयर भी किया जा सकता है।इस बार प्रस्‍तुत है सत्‍यजीत रे की कहानी 'सहपाठी'।  नामचीन फिल्‍मकार सत्‍यजीत...

रविवार, 21 जुलाई 2013

सुधा अरोड़ा की कहानी 'एक औरत तीन बटा चार' (स्‍वर ममता सिंह)

'कॉफी-हाउस' में कहानियों के वाचन का सिलसिला जारी है। हमारा इरादा है हर दौर की कहानियों का वाचन करके उन्‍हें ऑडियो-रूप में उपलब्‍ध करवाया जाए। कुछ मित्रों के संदेशों से पता चला कि वो कहानियों को डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं।...

रविवार, 14 जुलाई 2013

इस बार सुनिए हरिशंकर परसाई की रचना 'चिरऊ महाराज' (स्‍वर यूनुस ख़ान)

'कॉफी हाउस' में आज हम पहली बार हरिशंकर परसाई की रचना प्रस्‍तुत कर रहे हैं। शायद जबलपुर से ताल्‍लुक़ होने की वजह से हमारा परसाई जी और उनके व्‍यंग्‍य से गहरा अनुराग रहा है। ज़ाहिर है कि भविष्‍य में परसाई जी की और रचनाएं भी 'कॉफ़ी-हाउस' पर आयेंगी।...

रविवार, 7 जुलाई 2013

सियारामशरण गुप्‍त की कहानी 'काकी' (स्वर- ममता सिंह)

'कॉफी-हाउस' (कहवा और कहानियां) अब अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर रहा है। कुछ सुधि-श्रोताओं की ये बात वाक़ई हौसला बढ़ाने वाली है कि अब उन्‍हें रविवार की सुबह इसका इंतज़ार रहता है। पिछले सप्‍ताह तकनीकी कारणों से 'कॉफी हाउस' के प्रकाशन में देर हुई थी। ज़ाहिर है कि हर अंक के साथ हम स्‍वयं भी चीज़ों को तरतीब देना सीख रहे हैं। बहरहाल...हम फिर याद दिला दें कि हम 'कॉफी-हाउस' में ना सिर्फ पुरानी कालजयी रचनाओं का पाठ...