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रविवार, 31 अगस्त 2014

नन्‍हे जादू की आवाज़ में कहानी 'लापरवाह पिंटू'

"
'कॉफी-हाउस' कहानियों के वाचन का ब्‍लॉग है।

दरअसल इसकी शुरूआत के पीछे कहीं ना कहीं हमारे सुपुत्र 'जादू जी' का भी योगदान है। जिन्‍हें हम दोनों को हर रात एक कहानी सुनानी पड़ती है। पहले हमने सोचा कि बाल कहानियों का एक डेटा-बेस तैयार किया जाए। पर फिर यही विचार 'कॉफी-हाउस' में बदल गया। बाल-कहानियां अभी भी हमारे ऐजेन्‍डे में है। बीच-बीच में कॉफी-हाउस पर हम बाल कहानियां पेश करते रहे हैं। आगे ये सिलसिला संभवत: नियमित हो जाए।

तो आज प्रस्‍तुत है नन्‍हे जादू की आवाज़ में कहानी 'लापरवाह पिंटू'। कहानी की अवधि तकरीबन तीन मिनिट है। और इस कहानी को आप अपने घर-परिवार या मित्र मंडली में बच्‍चों को सुनवा सकते हैं।

आपको बता दें कि जादू की आवाज़ में 'कॉफी-हाउस' पर कुछ कहानियां और हैं।
जैसे 'बादल' भाई'.. इसे सुनने के लिए यहां क्लिक करें। और 'बदमाश कौआ' सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

Stroy: Laaparwaah Pintoo
Writer: Yunus Khan
Voice: Jadoo
Duration: 2 57


एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे।


और ये रहे डाउनलोड लिंक।
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ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 
महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'
उदय प्रकाश की कहानी-'नेलकटर'
सूर्यबाला की कहानी 'दादी और रिमोट'
एस. आर. हरनोट की कहानी 'मोबाइल'
स्‍वयं प्रकाश की कहानी 'नीलकांत का सफर'
जादू की कहानी 'बदमाश कौआ'
प्रेमचंद गांधी की कहानी--'31 दिसंबर की रात''
रवींद्र कालिया की कहानी- 'गोरैया'।
अरविंद की कहानी 'रेडियो'
लक्ष्‍मी शर्मा की कहानी 'बातें'
हरिशंकर परसाई का व्‍यंग्‍य 'ठिठुरता हुआ गणतंत्र'
चंदन पांडे की कहानी 'मोहर'
कैलाश वानखेड़े की कहानी 'सत्‍यापित'
विभा रानी की कहानी 'मोहन जोदाड़ो की नंगी मूरत'
अमरकांत की कहानी 'पलाश के फूल'
उपेंद्रनाथ अश्‍क की कहानी 'डाची'।
ज्ञानरंजन की कहानी 'अमरूद का पेड़'
कुर्रतुल-ऐन-हैदर की कहानी- 'फोटोग्राफर' 
शशिभूषण द्विवेदी की कहानी --'छुट्टी का दिन' 
मनीषा कुलश्रेष्‍ठ की कहानी 'मौसम के मकान सूने हैं'
प्रभात रंजन की कहानी -'पत्र लेखक, साहित्‍य और खिड़की'
गुलज़ार की कहानी 'तकसीम'
गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की दो कहानियां 'गांव में कुछ बहुत बुरा होने वाला है' और 'ऐसे ही किसी दिन' 
गीताश्री की कहानी ''लबरी' 
हृदयेश की कहानी 'तोते' 
मधु अरोड़ा की कहानी 'मुक्ति'
तरूण भटनागर की कहानी 'ढिबरियों की क़ब्रगाह'
जगदंबा प्रसाद दीक्षित की कहानी 'मुहब्‍बत'
मंटो की कहानी 'टोबा टेकसिंह'
स्‍वाति तिवारी की कहानी 'बूंद गुलाब जल की'
मन्‍नू भंडारी की कहानी 'मुक्ति'
हरि भटनागर की कहानी 'ग्रामोफ़ोन' 
हुस्‍न तबस्‍सुम निहां की कहानी 'नीले पंखों वाली लड़कियां'
दुष्‍यंत की कहानी 'यार तुम भी बस' 
ग़ज़ाल ज़ैगम की कहानी 'नमस्‍ते बुआ' 
कविता राकेश की कहानी 'ज़ायका'।
संजय बोरूंडे की कहानी 'कुंआं' 
प्रेम भारद्वाज की कहानी 'प्‍लीज़ किल मी मम्‍मी' 
जयश्री राय की कहानी 'छुट्टी का दिन' 
रघुनंदन त्रिवेदी की कहानी 'सिफैलोटस'
शानी की कहानी 'जली हुई रस्‍सी' 
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'कॉफी-हाउस' कहानियों के वाचन का ब्‍लॉग है।

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जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'
उदय प्रकाश की कहानी-'नेलकटर'
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जादू की कहानी 'बदमाश कौआ'
प्रेमचंद गांधी की कहानी--'31 दिसंबर की रात''
रवींद्र कालिया की कहानी- 'गोरैया'।
अरविंद की कहानी 'रेडियो'
लक्ष्‍मी शर्मा की कहानी 'बातें'
हरिशंकर परसाई का व्‍यंग्‍य 'ठिठुरता हुआ गणतंत्र'
चंदन पांडे की कहानी 'मोहर'
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शशिभूषण द्विवेदी की कहानी --'छुट्टी का दिन' 
मनीषा कुलश्रेष्‍ठ की कहानी 'मौसम के मकान सूने हैं'
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गुलज़ार की कहानी 'तकसीम'
गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की दो कहानियां 'गांव में कुछ बहुत बुरा होने वाला है' और 'ऐसे ही किसी दिन' 
गीताश्री की कहानी ''लबरी' 
हृदयेश की कहानी 'तोते' 
मधु अरोड़ा की कहानी 'मुक्ति'
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जगदंबा प्रसाद दीक्षित की कहानी 'मुहब्‍बत'
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स्‍वाति तिवारी की कहानी 'बूंद गुलाब जल की'
मन्‍नू भंडारी की कहानी 'मुक्ति'
हरि भटनागर की कहानी 'ग्रामोफ़ोन' 
हुस्‍न तबस्‍सुम निहां की कहानी 'नीले पंखों वाली लड़कियां'
दुष्‍यंत की कहानी 'यार तुम भी बस' 
ग़ज़ाल ज़ैगम की कहानी 'नमस्‍ते बुआ' 
कविता राकेश की कहानी 'ज़ायका'।
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प्रेम भारद्वाज की कहानी 'प्‍लीज़ किल मी मम्‍मी' 
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रघुनंदन त्रिवेदी की कहानी 'सिफैलोटस'
शानी की कहानी 'जली हुई रस्‍सी' 

8 टिप्पणियाँ:

  1. अपन तो भाई पिन्टू की तरह लापरवाह रहने में खुश रहते हैं।जब कोई साफ-सफाई के चक्कर में सब सामान व्यवस्थित कर देता है तब मुझे सामान ढूढ़ने में बहुत दिक्कत हो जाती है।
    कहानी में जादू डाल दिया-छूSSS| कहानी पढ़ने वाले को ढेर सारा प्यार।लिखने वाले को भी थोड़ा-सा।
    ब्लॉग में 'आवाजें' में एक चित्र जोड़ा जाए।

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  2. ग़ज़ब ढा दिया जादू की आवाज़ ने.....जियो बेटे....बधाई.....

    उत्तर देंहटाएं
  3. Waah Jaadu jee, aapne to waqai kamaal kee seekh dee is katha mein. Badhaiyaan!

    उत्तर देंहटाएं
  4. डॉक्टर मामा31 अगस्त 2014 को 7:56 pm

    गज़ब !!!!!
    लेकिन पापा ने ख़ुद भी "सुनी" ये कहानी क्या ?
    :-D

    उत्तर देंहटाएं
  5. मुझे अच्छी लगी जादू पर हम तो कहेंगे घर में एक कमरा फैलाने के लिए भी होना चाहिए...चीज़ें खोएं हम ढूंढें और थोड़ी डांट खाए तभी न मज़ा है....नहीं क्या?
    जियो!!!!

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  6. अहा..नन्हें जादू तुम्हारी मीठी मीठी जादुई आवाज़ ने तो मन मोह लिया...हमने नेट के ज़रिए अभी के अभी तुम्हारी आवाज़ पहुँचा दी अपने देश की राजधानी दिल्ली और सात समुन्दर पार के नन्हें बच्चों को ...खुश रहो और यूँही नई नई कहानियाँ सुनाते रहो... ढेरों आशीर्वाद :)

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह! सही में लाजवाब ब्लॉग है आपका। हिंदी-दिवस पर मुक्तिबोध जी पर उम्दा संस्मरण से दिन की शुरुआत हुई, उसके बाद से हर रोज़ एक कहानी सुनते हैं। आज जादू जी के मनमोहक अंदाज़ में अपनी तीन साल की बेटी के साथ पिंटू की कहानी सुनी, कहानी के शुरू होते ही आपके बेटे की आवाज़ के जादू ने हमारी नन्ही गुड़िया के चेहरे पर एक सहज मुस्कान को खिला दी। विदेश में रहते हैं और बच्चों की आवाज़ में हिंदी की बोलचाल विरले ही सुनने को मिलती है, आपका ब्लॉग अनमोल है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. तलफ़्फुज़ बहुत अच्छे हैं जादू के, आप दोनों बराबर ध्यान दे रहे हैं उच्चारण पर, तारीफ की बात है!!!!

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