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रविवार, 3 अगस्त 2014

प्रेम भारद्वाज की कहानी 'प्‍लीज़ किल मी मम्‍मी' (आवाज़ ममता सिंह की)

"
'कॉफी-हाउस' पर हम हर रविवार किसी एक कहानी का पाठ लेकर हाजिर होते हैं।

एक बरस से थोड़े ज्‍यादा के अपने सफ़र में हमने तरह-तरह की कहानियों का वाचन प्रस्‍तुत किया। कुछ बहुत छोटी और कुछ बहुत लंबी कहानियां।
आज और अगले सप्‍ताह हम आपके लिए लेकर आ रहे हैं दो लंबी पर महत्‍वपूर्ण कहानियां।

इस बार प्रस्‍तुत है प्रेम भारद्वाज की कहानी 'मम्‍मी प्‍लीज़ किल मी'।
प्रेम भारद्वाज चर्चित साहित्यिक पत्रिका 'पाखी' के संपादक हैं और उनका कहानी संग्रह 'इंतज़ार पांचवें सपने का' प्रकाशित हो चुका है।

जैसा कि हमने पहले ही कहा कि कहानी लंबी है। इसलिए इसे दो भागों में बांट दिया गया है।
हर भाग के लिए अलग अलग प्‍लेयर लगाये हैं।
आप कहानी को डाउनलोड करके तसल्‍ली से सुन सकते हैं। और हां। साझा करना मत भूलियेगा।
कहानी की एम.पी.3 फाइलें इतनी छोटी हैं कि आसानी से सोशल नेटवर्किंग और मोबाइल नेटवर्किंग पर साझा हो सकती हैं।

इस कहानी को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से क़रीब पैंतीस मिनिट निकालने होंगे।

Story: Please, Kill Me Mummy
Writer: Prem Bharadwaj
Voice: Mamta Singh
Duration: 34 21 (two parts of aprox 17 min)

कहानी का पहला भाग


एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे।


कहानी का दूसरा भाग


एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे




Download links
पहला भाग 
दूसरा भाग

एक और डाउनलोड लिंक
पहला भाग
दूसरा भाग।

आपकी राय और सुझावों का इंतज़ार। अगले रविवार एक और लंबी कहानी।

ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 
महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'
उदय प्रकाश की कहानी-'नेलकटर'
सूर्यबाला की कहानी 'दादी और रिमोट'
एस. आर. हरनोट की कहानी 'मोबाइल'
स्‍वयं प्रकाश की कहानी 'नीलकांत का सफर'
जादू की कहानी 'बदमाश कौआ'
प्रेमचंद गांधी की कहानी--'31 दिसंबर की रात''
रवींद्र कालिया की कहानी- 'गोरैया'।
अरविंद की कहानी 'रेडियो'
लक्ष्‍मी शर्मा की कहानी 'बातें'
हरिशंकर परसाई का व्‍यंग्‍य 'ठिठुरता हुआ गणतंत्र'
चंदन पांडे की कहानी 'मोहर'
कैलाश वानखेड़े की कहानी 'सत्‍यापित'
विभा रानी की कहानी 'मोहन जोदाड़ो की नंगी मूरत'
अमरकांत की कहानी 'पलाश के फूल'
उपेंद्रनाथ अश्‍क की कहानी 'डाची'।
ज्ञानरंजन की कहानी 'अमरूद का पेड़'
कुर्रतुल-ऐन-हैदर की कहानी- 'फोटोग्राफर' 
शशिभूषण द्विवेदी की कहानी --'छुट्टी का दिन' 
मनीषा कुलश्रेष्‍ठ की कहानी 'मौसम के मकान सूने हैं'
प्रभात रंजन की कहानी -'पत्र लेखक, साहित्‍य और खिड़की'
गुलज़ार की कहानी 'तकसीम'
गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की दो कहानियां 'गांव में कुछ बहुत बुरा होने वाला है' और 'ऐसे ही किसी दिन' 
गीताश्री की कहानी ''लबरी' 
हृदयेश की कहानी 'तोते' 
मधु अरोड़ा की कहानी 'मुक्ति'
तरूण भटनागर की कहानी 'ढिबरियों की क़ब्रगाह'
जगदंबा प्रसाद दीक्षित की कहानी 'मुहब्‍बत'
मंटो की कहानी 'टोबा टेकसिंह'
स्‍वाति तिवारी की कहानी 'बूंद गुलाब जल की'
मन्‍नू भंडारी की कहानी 'मुक्ति'
हरि भटनागर की कहानी 'ग्रामोफ़ोन' 
हुस्‍न तबस्‍सुम निहां की कहानी 'नीले पंखों वाली लड़कियां'
दुष्‍यंत की कहानी 'यार तुम भी बस' 
ग़ज़ाल ज़ैगम की कहानी 'नमस्‍ते बुआ' 
कविता राकेश की कहानी 'ज़ायका'।
संजय बोरूंडे की कहानी 'कुंआं' 

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'कॉफी-हाउस' पर हम हर रविवार किसी एक कहानी का पाठ लेकर हाजिर होते हैं।

एक बरस से थोड़े ज्‍यादा के अपने सफ़र में हमने तरह-तरह की कहानियों का वाचन प्रस्‍तुत किया। कुछ बहुत छोटी और कुछ बहुत लंबी कहानियां।
आज और अगले सप्‍ताह हम आपके लिए लेकर आ रहे हैं दो लंबी पर महत्‍वपूर्ण कहानियां।

इस बार प्रस्‍तुत है प्रेम भारद्वाज की कहानी 'मम्‍मी प्‍लीज़ किल मी'।
प्रेम भारद्वाज चर्चित साहित्यिक पत्रिका 'पाखी' के संपादक हैं और उनका कहानी संग्रह 'इंतज़ार पांचवें सपने का' प्रकाशित हो चुका है।

जैसा कि हमने पहले ही कहा कि कहानी लंबी है। इसलिए इसे दो भागों में बांट दिया गया है।
हर भाग के लिए अलग अलग प्‍लेयर लगाये हैं।
आप कहानी को डाउनलोड करके तसल्‍ली से सुन सकते हैं। और हां। साझा करना मत भूलियेगा।
कहानी की एम.पी.3 फाइलें इतनी छोटी हैं कि आसानी से सोशल नेटवर्किंग और मोबाइल नेटवर्किंग पर साझा हो सकती हैं।

इस कहानी को सुनने के लिए आपको अपने व्‍यस्‍त जीवन में से क़रीब पैंतीस मिनिट निकालने होंगे।

Story: Please, Kill Me Mummy
Writer: Prem Bharadwaj
Voice: Mamta Singh
Duration: 34 21 (two parts of aprox 17 min)

कहानी का पहला भाग


एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे।


कहानी का दूसरा भाग


एक और प्‍लेयर ताकि सनद रहे




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पहला भाग 
दूसरा भाग

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पहला भाग
दूसरा भाग।

आपकी राय और सुझावों का इंतज़ार। अगले रविवार एक और लंबी कहानी।

ये भी कह दें कि 'कॉफी-हाउस' की कहानियों को आप डाउनलोड करके अपने मित्रों-आत्‍मीयों के साथ बांट सकते हैं। साझा कर सकते हैं। कोई समस्‍या है तो ये ट्यूटोरियल पढ़ें

अब तक की कहानियों की सूची- 
महादेवी वर्मा की रचना--'गिल्‍लू'
भीष्‍म साहनी की कहानी--'चीफ़ की दावत'
मन्‍नू भंडारी की कहानी-'सयानी बुआ'
एंतोन चेखव की कहानी- 'एक छोटा-सा मज़ाक़'
सियाराम शरण गुप्‍त की कहानी-- 'काकी'
हरिशंकर परसाई की रचना--'चिरऊ महाराज'
सुधा अरोड़ा की कहानी--'एक औरत तीन बटा चार'
सत्‍यजीत रे की कहानी--'सहपाठी'
जयशंकर प्रसाद की कहानी--'ममता'
दो बाल कहानियां--बड़े भैया के स्‍वर में
उषा प्रियंवदा की कहानी वापसी
अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन'
ओ. हेनरी की कहानी 'आखिरी पत्‍ता'
लू शुन की कहानी आखिरी बातचीत'
प्रत्‍यक्षा की कहानी 'बलमवा तुम क्‍या जानो प्रीत'
अज्ञेय की कहानी 'गैंगरीन'
महादेवी वर्मा का संस्‍मरण 'सोना हिरणा'
ओमा शर्मा की कहानी ग्‍लोबलाइज़ेशन
ममता कालिया की कहानी 
लैला मजनूं
प्रेमचंद की कहानी 'बड़े भाई साहब'
सूरज प्रकाश की कहानी 'दो जीवन समांतर'
कुमार अंबुज की कहानी 'एक दिन मन्‍ना डे'
अमृता प्रीतम की कहानी- 'एक जीवी, एक रत्‍नी, एक सपना'
जादू की सुनाई पापा की कहानी 'बादल भाई'
उदय प्रकाश की कहानी-'नेलकटर'
सूर्यबाला की कहानी 'दादी और रिमोट'
एस. आर. हरनोट की कहानी 'मोबाइल'
स्‍वयं प्रकाश की कहानी 'नीलकांत का सफर'
जादू की कहानी 'बदमाश कौआ'
प्रेमचंद गांधी की कहानी--'31 दिसंबर की रात''
रवींद्र कालिया की कहानी- 'गोरैया'।
अरविंद की कहानी 'रेडियो'
लक्ष्‍मी शर्मा की कहानी 'बातें'
हरिशंकर परसाई का व्‍यंग्‍य 'ठिठुरता हुआ गणतंत्र'
चंदन पांडे की कहानी 'मोहर'
कैलाश वानखेड़े की कहानी 'सत्‍यापित'
विभा रानी की कहानी 'मोहन जोदाड़ो की नंगी मूरत'
अमरकांत की कहानी 'पलाश के फूल'
उपेंद्रनाथ अश्‍क की कहानी 'डाची'।
ज्ञानरंजन की कहानी 'अमरूद का पेड़'
कुर्रतुल-ऐन-हैदर की कहानी- 'फोटोग्राफर' 
शशिभूषण द्विवेदी की कहानी --'छुट्टी का दिन' 
मनीषा कुलश्रेष्‍ठ की कहानी 'मौसम के मकान सूने हैं'
प्रभात रंजन की कहानी -'पत्र लेखक, साहित्‍य और खिड़की'
गुलज़ार की कहानी 'तकसीम'
गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की दो कहानियां 'गांव में कुछ बहुत बुरा होने वाला है' और 'ऐसे ही किसी दिन' 
गीताश्री की कहानी ''लबरी' 
हृदयेश की कहानी 'तोते' 
मधु अरोड़ा की कहानी 'मुक्ति'
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हुस्‍न तबस्‍सुम निहां की कहानी 'नीले पंखों वाली लड़कियां'
दुष्‍यंत की कहानी 'यार तुम भी बस' 
ग़ज़ाल ज़ैगम की कहानी 'नमस्‍ते बुआ' 
कविता राकेश की कहानी 'ज़ायका'।
संजय बोरूंडे की कहानी 'कुंआं' 

1 टिप्पणियाँ:

  1. राकेश तिवारी3 अगस्त 2014 को 2:47 pm

    बेहतरीन। आपका काम और चयन- 'चीफ की दावत' और 'टोबा टेकसिंह' से लेकर इस दौर की कई कहानियों तक।

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