प्रेमचंद गांधी की कहानी '31 दिसंबर की रात' (आवाज़ यूनुस ख़ान)

'कॉफी हाउस' पर हम अमूमन हर रविवार को एक कहानी लेकर आते हैं। पर इस सप्ताह ये परंपरा टूटी है। इसकी वजह है वो कहानी जिसे हम आज पेश कर रहे हैं।चूंकि साल बीत रहा है। और जब ये कहानी हमें मिली--तो हमें लगा कि
साल के ठीक आखिरी दिन इसे पेश करना मौज़ूं होगा।...