इस बार अमरकांत की कहानी 'दोपहर का भोजन' (स्वर यूनुस ख़ान)

'कॉफी-हाउस' में हर रविवार कथा-पाठ का सिलसिला जारी है।हमारा मक़सद है कि हम कथा-पाठ का एक ख़ज़ाना तैयार करें। और घर-परिवारों में इन्हें सुनने की परंपरा स्थापित हो। पिछले सप्ताह जब मनीष ने बताया कि उन्होंने सपरिवार कहानी 'वापसी' सुनी....तो बहुत अच्छा...