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रविवार, 26 अक्टूबर 2014

पद्मा सचदेव की कहानी --'कल कहां जाओगी' (आवाज़ ममता सिंह की)

'कॉफी-हाउस' हिंदी कहानियों ब्‍लॉग है। हम कहानियां प्रकाशित नहीं करते बल्कि प्रसारित करते हैं। कहानियों का वाचन करते हैं। यानी ये कहानियों के वाचन का ब्‍लॉग है। अपने इस छोटे-से सफ़र में हमने दुनिया की कई भाषाओं की कहानियों का वाचन किया है। दुनिया...

रविवार, 19 अक्टूबर 2014

रमेश उपाध्‍याय की कहानी 'रूदाला' (आवाज़ यूनुस ख़ान की)

'कॉफी-हाउस' में हम हर सप्‍ताह लेकर आते हैं एक कहानी का पाठ। आज हम वरिष्‍ठ लेकर रमेश उपाध्‍याय की कहानी लेकर आए हैं। रमेश जी हिंदी के खूब सक्रिय लेखक हैं। उनके कहानी संग्रह हैं---जमी हुई झील, शेष इतिहास, नदी के साथ, चतुर्दिक, बदलाव से पहले, पैदल अँधेरे...

रविवार, 12 अक्टूबर 2014

राकेश बिहारी की कहानी 'किनारे से दूर' (आवाज़ ममता सिंह की)

'कॉफी-हाउस' में हम हर सप्‍ताह रविवार को एक कहानी का वाचन लेकर आते हैं। आज हम लेकर आए हैं युवा कथाकार और आलोचक राकेश बिहारी की एक कहानी। राकेश बिहारी की प्रकाशित पुस्‍तकें हैं --'वह सपने बेचता था' (कहानी संग्रह) और 'केंद्र में कहानी' (आलोचना)। प्रस्‍तुत...

रविवार, 5 अक्टूबर 2014

आज सुनिए वंदना शुक्‍ल की कहानी 'ईद मुबारक' (आवाज़ यूनुस ख़ान की)

'कॉफी-हाउस' में हम हर रविवार एक कहानी का पाठ लेकर उपस्थित होते हैं। और हमने यहां तरह तरह की कहानियों का वाचन किया है। लंबी कहानियों के वाचन का एक प्रयोग भी कॉफी-हाउस पर जारी है। अगर आप कॉफी हाउस के नियमित श्रोता-पाठक हैं तो आपने इस बीच गीताश्री की कहानी...