हुस्न तबस्सुम निहॉं की कहानी 'नीले पंखों वाली लड़कियां' (आवाज़ यूनुस ख़ान की)

'कॉफी-हाउस' कहानी-पाठ का ब्लॉग है।
हमारा मक़सद है इस बेहतर दौड़ते-भागते वक्त में अगर कहानियां पढ़ने की जगह ना बन पा रही हो तो कम-से-कम सुनने की जगह बना ली जाए।
एक साल से ज़्यादा के अपने सफ़र में हमने तकरीबन पांच दर्जन कहानियां पढ़ी हैं। और इन कहानियों...